इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं होगा : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

परियोजना स्थलों पर लगाए जाएंगे क्यूआर कोड, जिनमें होंगी पूरी तकनीकी जानकारी और नियमित प्रगति अपडेट : मुख्यमंत्री

 

चंडीगढ़, 27 नवंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ठेकेदार या अधिकारी द्वारा कार्यों की गुणवत्ता में कमी पाई गई, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री आज यहां हरियाणा क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि जहां भी परियोजनाओं के निर्माण में लापरवाही या कमी पाई जाए, वहां क्यूएए को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए सक्षम बनाया जाए। उन्होंने राज्य में स्थित पीडब्ल्यूडी लैब्स की जानकारी भी ली, जो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करती हैं।

Advertisement

 

*डीपीआर तैयार करने के लिए क्यूएए-एम्पैनल्ड कंसल्टेंट रखे जाएंगे*

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ग्रीनफील्ड रोड प्रोजेक्ट्स, पुल/फ्लाईओवर/आरओबी, भवन निर्माण और सड़क उन्नयन परियोजनाओं की डीपीआर अब क्यूएए -एम्पैनल्ड प्रोफेशनल कंसल्टेंट द्वारा तैयार की जाएंगी, ताकि योजना और क्रियान्वयन में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। इन परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एंड मॉनिटरिंग एजेंसियां (TPIMA) भी शामिल होंगी।

 

*पारदर्शिता के लिए लगाए जाएंगे क्यूआर कोड*

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, पारदर्शिता बढ़ाने और त्वरित सोशल ऑडिट सुनिश्चित करने के लिए हर परियोजना स्थल पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। इन क्यूआर कोड में डीपीआर सारांश, बिल ऑफ क्वांटिटी, तकनीकी विनिर्देश, ठेकेदार का नाम, प्रभारी अभियंता और कंसल्टेंट की जानकारी शामिल होगी। इसमें भौतिक और वित्तीय प्रगति के नियमित अपडेट भी उपलब्ध रहेंगे।

इसके अतिरिक्त, छोटे प्रोजेक्ट्स के लिए सभी विभाग क्यूएए, अन्य संबंधित विभागों और चीफ आर्किटेक्ट के साथ मिलकर मानक दिशानिर्देश तैयार करेंगे और सरकार से अंतिम स्वीकृति प्राप्त करेंगे।

 

*थर्ड पार्टी एजेंसियों की मॉनिटरिंग*

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने क्यूएए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि थर्ड पार्टी एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उनके कार्यों की सख्ती से जांच की जाए। उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार करते समय ड्रेनेज प्लानिंग एक आवश्यक हिस्सा होना चाहिए, जिसमें उचित लेवल और डिस्पोज़ल पॉइंट शामिल हों।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परियोजना का भुगतान जारी करने से पहले यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्था बनाई जाए कि परियोजना की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप हो—विशेषकर ऊंची इमारतों और पुलों के मामले में।

यह भी निर्णय लिया गया कि सभी ऊंची इमारतों और पुलों का एक डायनेमिक डेटाबेस बनाया जाए, ताकि चरणबद्ध तरीके से उनका संरचनात्मक ऑडिट किया जा सके।

तकनीकी ऑडिट को मजबूत बनाने के लिए यह तय किया गया कि राज्य के सभी विभागों, बोर्डों और निगमों के क्वालिटी कंट्रोल विंग के कर्मचारियों को क्यूएए से जोड़ा जाएगा।

 

*राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव ला रहा है क्यूएए*

क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी  के चेयरमैन श्री राजीव अरोड़ा (सेवानिवृत्त आईएएस) ने बताया कि अथॉरिटी अब तक 300 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित कर चुकी है, और पखवाड़े में वेबिनार नियमित रूप से जारी हैं। उन्होंने कहा कि क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी  कठोर तकनीकी ऑडिट और दूरदर्शी सुधारों के माध्यम से राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार कर रहा है और 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं में विश्वस्तरीय मानकों का पालन सुनिश्चित कर रहा है।

उन्होंने बताया कि दो चरणों में क्यूएए ने 25 प्रमुख इंजीनियरिंग परियोजनाओं का ऑडिट किया है और सभी सरकारी विभागों एवं मुख्यमंत्री कार्यालय को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। इन रिपोर्टों पर कार्रवाई रिपोर्ट जनवरी 2026 तक आने की उम्मीद है।

बैठक में  मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Tap to Refresh