आज नए सपनों, नई जिम्मेदारियों व नए भारत निर्माण में भागीदारी का है दिन : प्रो घोष

न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़, 6 अप्रैल। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) मुरथल, जिला सोनीपत के 8वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने कहा कि आज का दिन केवल उपाधि प्राप्त करने का नहीं, बल्कि नए सपनों, नई जिम्मेदारियों और नए भारत के निर्माण में भागीदारी का दिन है। उन्होंने स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधार्थी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने उन्हें 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया है, जिससे वे समाज और राष्ट्र के विकास में अग्रणी भूमिका निभा सकें।

उन्होंने कहा कि भारत इस समय दुनिया की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ऐसे दौर में विश्वविद्यालयों से निकलने वाले युवा देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं। स्टार्टअप, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा को व्यवहारिक जीवन में उतारते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

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राज्यपाल असीम कुमार घोष ने छात्राओं की उल्लेखनीय उपलब्धियों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा गया कि स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर पर बड़ी संख्या में युवतियों का आगे आना महिला सशक्तिकरण का मजबूत संकेत है। नई शिक्षा नीति-2020 और विभिन्न छात्रवृत्ति व सहायता योजनाओं से यह बदलाव और अधिक मजबूत होगा।

राज्यपाल असीम कुमार घोष ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से स्किल इंडिया मिशन, डिजिटल साक्षरता अभियान और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों से जुड़कर देश के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया गया।

तेजी से बदलते तकनीकी युग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास और एआई में भारत के विश्वविद्यालयों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना होगा। उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय ही युवाओं को नई संभावनाओं के द्वार तक पहुंचाएगा।

समारोह के अंत में विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और कौशल के दम पर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

 

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